home page

बारिश और बदहाल सड़कों से मैक्लोडगंज के पर्यटन कारोबार पर दोहरी मार, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 और खड़ा डंडा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त

 | 
बारिश और बदहाल सड़कों से मैक्लोडगंज के पर्यटन कारोबार पर दोहरी मार, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 और खड़ा डंडा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त


बारिश और बदहाल सड़कों से मैक्लोडगंज के पर्यटन कारोबार पर दोहरी मार, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 और खड़ा डंडा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त


धर्मशाला, 30 अगस्त (हि.स.)। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में बरसात के सीजन में पर्यटकों की आमद घटने से पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के साथ धर्मशाला-मैक्लोडगंज को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-503 और खड़ा डंडा मार्ग की बदहाल हालत ने पर्यटन कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोनों प्रमुख सड़कें जगह-जगह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभाग आंखें बंद किए बैठे हैं। सड़क पर पड़े गड्ढे, उखड़े हिस्से और जगह-जगह कीचड़ पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

इसी बदहाल सड़क व्यवस्था का असर स्थानीय लोगों की परिवहन सुविधा पर भी पड़ रहा है। मैक्लोडगंज, नड्डी और स्तोवरी क्षेत्र के करीब 10 बस रूट एक दिन चलाने के बाद फिर से बंद कर दिए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब सड़क मार्ग को बहाल किया गया था तो बस सेवा शुरू की गई, लेकिन महज एक दिन बाद ही इसे दोबारा बंद कर दिया गया। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला के अध्यक्ष राहुल धीमान ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार बारिश पर्यटन कारोबार को प्रभावित कर रही है। इस बार भी खराब मौसम के साथ सड़कों की स्थिति ने पर्यटन व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धर्मशाला से मैक्लोडगंज तक सड़क की हालत ऐसी है कि पर्यटक यहां आने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। कई पर्यटक खराब सड़कों के कारण मैक्लोडगंज और आसपास के पर्यटन स्थलों का कार्यक्रम ही रद्द कर दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खड़ा डंडा मार्ग भी लंबे समय से खराब हालत में है। प्रशासन को कई बार सड़कों की स्थिति से अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। बरसात से पहले सड़क व्यवस्था को लेकर पर्याप्त योजना बनाई जानी चाहिए थी, ताकि समय रहते मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।

राहुल धीमान ने कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित विभागों ने बरसात से पहले उचित योजना बनाई होती तो बारिश के बावजूद मैक्लोडगंज में पर्यटन गतिविधियां बेहतर रह सकती थीं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में मैक्लोडगंज में होटलों की ऑक्युपेंसी करीब 20 प्रतिशत है। यह भी मुख्य रूप से शनिवार और रविवार को ही देखने को मिल रही है। सप्ताह के बाकी दिनों में होटल कारोबार की स्थिति और कमजोर बनी हुई है।

उधर धर्मगुरु दलाई लामा के पिछले करीब डेढ़ माह से लद्दाख दौरे पर होने के कारण खासकर विदेशी पर्यटक भी गायब मैक्लोडगंज नही आ रहे हैं। जिसका असर भी पर्यटन पर पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया