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चीन सरकार के नए कानून के खिलाफ तिब्बती एक्टिविस्ट ने किया आत्मदाह

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चीन सरकार के नए कानून के खिलाफ तिब्बती एक्टिविस्ट ने किया आत्मदाह


धर्मशाला, 03 जुलाई (हि.स.)। तिब्बती एक्टिविस्ट लोबसांग पाल्डेन उर्फ लोबगा रंगज़ेन ने बीती शाम अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आत्मदाह कर लिया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। तिब्बत में चीन की लगातार दमनकारी नीतियों के खिलाफ़ लोबसांग पालदेन ने यह कदम उठाया है। चीन सरकार द्वारा तिब्बत में तथाकथित जातीय एकता और प्रगति कानून के लागू होने के विरोध में आत्मदाह किया गया।

उधर उनकी शहादत के सम्मान में, दुनिया भर के तिब्बतियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए प्रार्थना सभाएं आयोजित कीं। इसी कड़ी में धर्मशाला में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के नेतृत्व और सभी कर्मचारियों ने आज शाम सिक्योंग हॉल में उनके बलिदान के सम्मान में प्रार्थना सभा के लिए एकजुटता दिखाई। मूल रूप से तिब्बत के रहने वाले लोबगा चीनी शासन से बचकर निकले थे और लगभग दो दशक पहले अमेरिका में अपनी ज़िंदगी नए सिरे से शुरू की थी। निर्वासन के दौरान, वे तिब्बत के मकसद के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे और लगातार तिब्बत की आज़ादी और तिब्बती लोगों के मौलिक अधिकारों की बहाली की वकालत करते रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया