समन्वित प्रयास और जनभागीदारी से बनेगा टीबी मुक्त कांगड़ा : एडीसी
धर्मशाला, 18 मार्च (हि.स.)। अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने कहा कि यदि हम सभी मिलकर समन्वित प्रयास करें तो टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है और सभी विभाग एवं संस्थानों तथा आमजन को टीबी उन्मूलन के लिए सक्रिय सहयोग करना चाहिए।
बुधवार को जोनल अस्पताल धर्मशाला में आयोजित मल्टी सेक्टोरल टीबी मुक्त भारत अभियान तथा जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने यह बात कही।बैठक में टीबी उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित कार्य योजना के तहत समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश देते हुए टीबी मुक्त कांगड़ा के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने पर बल दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि एआई आधारित आकलन के माध्यम से जिले में 969 उच्च जोखिम वाले गांवों एवं वार्डों की पहचान की गई है जहां लक्षित स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक संवेदनशील आबादी के 1 लाख 56 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है जबकि शेष लोगों की जांच की जा रही है। जिले की 287 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में जिले में 400 से अधिक टीबी चैंपियन सक्रिय हैं जो जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने टीबी चैंपियनों से अन्य लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद ने बताया कि कांगड़ा जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जनभागीदारी आधारित माॅडल पर कार्य किया जा रहा है जिसे नीति आयोग स्तर पर भी सराहा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

