हिमाचल में सेस राज : अनाथ-विधवा सेस के बहाने जनता की जेब काट रही सरकार : संजय शर्मा
धर्मशाला, 13 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा जनकल्याण के नाम पर जनता पर लगातार थोपे जा रहे वित्तीय बोझ पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लागू किए गए तथाकथित अनाथ व विधवा सेस पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि यह सरकार जनकल्याण के नाम पर प्रदेश की आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है। अनाथ और विधवा सेस के नाम पर नए-नए कर लगाकर प्रदेश सरकार असल में हिमाचल की जनता को ही आर्थिक रूप से अनाथ बनाने पर तुली है।
वीरवार को जारी एक प्रेस बयान में संजय शर्मा ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद से कांग्रेस सरकार का पूरा ध्यान जनसेवा के बजाय सिर्फ टैक्स और सेस लादने पर रहा है। चाहे ईंधन हो, बिजली हो, पानी हो या उद्योग, सरकार ने हर मोर्चे पर प्रदेशवासियों पर टैक्स की भारी मार मारी है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ व विधवा सेस’ लादकर सरकार ने परिवहन और दैनिक उपभोग की वस्तुओं को महंगा कर दिया है। इससे पूर्व बिजली बिलों के माध्यम से प्रति यूनिट मिल्क सेस वसूला जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता से लेकर छोटे व्यापारी तक प्रभावित हैं। बिजली की खपत पर पर्यावरण सेस लगाकर उद्योगों और वाणिज्यिक गतिविधियों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। यही नही होटल, अस्पताल, मॉल और दुकानों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली दर पर एक रुपये प्रति यूनिट तक का अतिरिक्त सेस थोप दिया गया है। जल उपकर की कोशिशों के साथ-साथ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के दाम बढ़ाकर जनता को बेहाल कर दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

