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स्कूली छात्र आत्महत्या मामले में सीडब्ल्यूसी ने तलब की स्टेट्स रिपोर्ट

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स्कूली छात्र आत्महत्या मामले में सीडब्ल्यूसी ने तलब की स्टेट्स रिपोर्ट


धर्मशाला, 06 जुलाई (हि.स.)। बाल विकास समिति (सीडब्ल्यूसी) जिला कांगड़ा ने जिला के स्कूलों में छात्रों के उत्पीड़न के चलते हो रही आत्महत्याओं पर गहरी चिंता जाहिर की है। समिति ने पिछले कल ज्वालामुखी के तहत खुंडियां थाना क्षेत्र के तहत एक 14 वर्षीय स्कूली छात्र द्वारा देहरा उपमंडल के लोअर सुनहेत में स्थित स्कूल व हॉस्टल में हुए कथित उत्पीड़न के चलते आत्महत्या किए जाने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस थाना खुंडियां से इस मामले की प्रारंभिक जांच की स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है। यह जानकारी जिला कांगड़ा बाल विकास समिति के अध्यक्ष विक्रमजीत शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि उनकी अध्यक्षता में समिति के सदस्यों संगीता गौतम, विजय कुमार, विकास और नरेशठा कुमारी ने बैठक करके इस मामले पर चर्चा की और इसकी स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट मिलने के बाद समिति नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आत्महत्या करने वाले स्कूली बालक के परिजनों की शिकायत पर लोअर सुनहेत स्थित स्कूल के एमडी, प्रिंसिपल, हॉस्टल वार्डन और स्कूल बस चालक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करके आगामी छानबीन शुरू कर दी है।

स्कूल और होस्टल प्रबंधन पर है प्रताड़ना और मारपीट का आरोप

खुंडिया थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्र की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक छात्र के पिता, जो भारतीय सेना में सूबेदार हैं, ने आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रबंध निदेशक (एमडी), प्रिंसिपल, होस्टल वार्डन और बस चालक द्वारा लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दिए जाने के कारण उनके बेटे ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

पुलिस के अनुसार प्रदीप कुमार निवासी गांव ठम्बा तहसील खुंडियां ने शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में अपने इकलौते बेटे कबीर राणा का दाखिला डीसीएस लोअर सुनेहत स्कूल की नौवीं कक्षा में करवाया था। साथ ही उसे स्कूल के होस्टल में भी रखा गया था। पिछले कुछ समय से कबीर लगातार होस्टल में नहीं रहने की बात कह रहा था। उसने परिवार को बताया था कि होस्टल स्टाफ उसे डंडों से मारता-पीटता था और मानसिक रूप से परेशान करता था। शिकायत के अनुसार 4 जुलाई को जब प्रदीप कुमार बेटे को स्कूल से लेने पहुंचे तो एक शिक्षक ने कथित तौर पर कहा कि कम अंक आने पर बच्चे आत्महत्या तक कर लेते हैं। पिता का आरोप है कि उसी दिन स्कूल बस चालक ने कबीर को होस्टल का सामान लाने के लिए कुछ पैसे दिए थे, जिनमें से उसने 10 रुपये की आइसक्रीम खरीद ली। इस बात पर बस चालक ने उसे डांटा और पीटा तथा इसकी शिकायत प्रिंसिपल, एमडी और होस्टल वार्डन से कर दी। आरोप है कि इसके बाद तीनों ने भी कबीर को डंडों और थप्पड़ों से पीटा।

पिता ने बताया कि घर लौटने के बाद उनका बेटा बेहद परेशान था। उन्होंने उसे समझाया कि सोमवार को स्कूल जाकर इस संबंध में प्रबंधन से बात करेंगे। लेकिन शाम को जब वह खेत में काम करने गए थे, तभी घर से पत्नी के रोने की आवाज सुनाई दी। घर पहुंचने पर देखा कि कबीर कमरे में सीलिंग फैन से चादर के सहारे लटका हुआ था। परिजन उसे तुरंत सिविल अस्पताल खुंडियां ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम के लिए शव को सिविल अस्पताल देहरा भेजा गया।

उधर एसपी देहरा ने बताया कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया