सिद्धवाड़ी मंडल का विजयादशमी उत्सव सम्पन्न, पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा
धर्मशाला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, योल खंड के सिद्धवाड़ी मंडल का विजयादशमी उत्सव रविवार को जोरावर सिंह मैदान में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजनों एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही।
जिला कांगड़ा में योल खंड का मंडल स्तर पर आयोजित यह पहला कार्यक्रम रहा, जो संघ कार्य को मंडल स्तर से आगे गांव-गांव तक पहुंचाने के संकल्प को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है। इस पहल के माध्यम से संघ की शाखाओं के विस्तार, समाज के साथ आत्मीय संपर्क तथा व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के ध्येय को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व प्रांत सह-कार्यवाह, अशोक कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने स्वयंसेवकों को संघ के कार्य, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध करवाया।
मुख्य वक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 से लेकर आज तक समाज में आए परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए संघ की कार्ययात्रा एवं समाज के बीच कार्य करने के मूल उद्देश्यों का स्मरण करवाया। उन्होंने पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी तथा नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों से इन विषयों को अपने व्यक्तिगत जीवन, परिवार एवं सामाजिक व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
उत्सव के अंतर्गत पथ संचलन का आयोजन किया गया, जो जोरावर सिंह मैदान से प्रारंभ होकर क्यारी पुल से होते हुए पुनः जोरावर सिंह मैदान में संपन्न हुआ। पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घोषवादकों ने अपने घोष की सुमधुर ताल एवं लय से पूरे पथ संचलन को अनुशासित, आकर्षक और प्रभावशाली बनाया। यह आयोजन संगठन, समरसता, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी अवसर रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

