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दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी एवं सूचना बोर्ड लगाएं जाएं : उपायुक्त

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दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी एवं सूचना बोर्ड लगाएं जाएं : उपायुक्त


धर्मशाला, 24 सितंबर (हि.स.)। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में वीरवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कांगड़ा से गुजरने वाले तीनों राष्ट्रीय उच्च मार्गों सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की सुरक्षा व्यवस्था तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस, प्रशासन, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिला कांगड़ा में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष रूप से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यकता के अनुसार चेतावनी एवं सूचना बोर्ड, सुरक्षा चिन्ह, गति सीमा संबंधी संकेतक तथा बैरिकेडिंग स्थापित की जाए।

उन्होंने स्कूलों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास जेबरा क्रॉसिंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर तथा सोलर ब्लिंकर लगाने के भी निर्देश दिए।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज करने, साझा करने एवं उसका विश्लेषण करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा ई-डार ऑनलाइन सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ई-डार के माध्यम से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का विश्लेषण कर सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में पीड़ितों अथवा उनके परिजनों को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली राहत एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए ई-डार पोर्टल के माध्यम से संबंधित मामलों को चिकित्सा विभाग, संबंधित एसडीएम, कल्याण विभाग तथा डीआरडीए सहित संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी राहत राशि एवं अन्य देय लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार का विलंब अथवा परेशानी न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया