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प्राथमिक शिक्षकों का उपनिदेशक कार्यालय के खिलाफ प्रदर्शन, पदोन्नति में देरी पर जताया रोष

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धर्मशाला, 21 अक्टूबर (हि.स.)।

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा ने उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा धर्मशाला के कार्यालय की कार्यप्रणाली के खिलाफ बुधवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। जिला कांगड़ा के 23 शिक्षा खंडों से पहुंचे संघ के पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों की पदोन्नति में देरी, वित्तीय लाभ के मामलों को लंबित रखने और स्थानांतरण प्रक्रिया में कथित मनमानी पर रोष जताया। प्रदर्शन में प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष संजय पीसी भी मौजूद रहे।

संघ ने आरोप लगाया कि केंद्र मुख्य शिक्षक के पदों पर पदोन्नति के लिए विभाग ने सभी खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों से पात्र मुख्य शिक्षकों के दस्तावेज मांगे थे, लेकिन 73 दिन बीत जाने के बाद भी विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक नहीं हो पाई है। जिले में केंद्र मुख्य शिक्षक के 60 से अधिक पद रिक्त हैं। पदोन्नति का इंतजार कर रहे कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

संघ के अनुसार जिले में मुख्य शिक्षक के भी 120 से अधिक पद खाली पड़े हैं और जेबीटी शिक्षकों की मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नति नहीं हुई है। संघ ने यह मामला उठाने के बाद वरिष्ठता सूची शिमला भेजने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए। साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर जारी किए गए एक पत्र पर आपत्ति जताते हुए संबंधित पत्र को सार्वजनिक करने की मांग की।

वित्तीय मामले लंबित रखने का आरोप

प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि उपनिदेशक कार्यालय में सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के वित्तीय लाभ से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इन मामलों की स्थिति जानने के लिए संपर्क करने पर संबंधित कर्मचारियों के व्यवहार पर भी संघ ने नाराजगी जताई। इसके अलावा, जिला में शिक्षकों के स्थानांतरण आदेशों में प्रधानाचार्यों को शामिल कर रिलीविंग और उपस्थिति की प्रक्रिया अपनाने पर भी सवाल उठाए। संघ का कहना है कि अधिसूचना के अनुसार यह अधिकार खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में आता है। अन्य जिलों से अलग प्रक्रिया अपनाने पर पहले भी आपत्ति जताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया