29 वर्षों बाद पुलिस चौकी कोटला अब बना पुलिस थाना, कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ
धर्मशाला, 16 सितंबर (हि.स.)। पुलिस जिला नूरपुर के तहत पुलिस चौकी कोटला 29 वर्षों के बाद अब पुलिस थाना बन गया है। प्रदेश सरकार ने इस पुलिस चौकी को पुलिस थाना के रूप में स्तरोन्नत करने के आदेश जारी किए थे जिसे अमलीजामा पहनाते हुए बुधवार को कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार द्वारा शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर इल्मा अफरोज सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पुलिस थाना कोटला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि कोटला में वर्ष 1997 से पुलिस चौकी संचालित की जा रही थी। क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं एवं आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अब इस पुलिस चौकी को पुलिस थाना कोटला के रूप में स्तरोन्नत किया गया है।
पुलिस थाना कोटला के क्षेत्राधिकार में 15 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं, जिनमें बालाह कोटला, सोलधा, न्यांगल, त्रिलोकपुर, भाली, जोल, सियूनी, जांगल, कुठेर, नधोली, डोल (भटेहड़), पदर, रजोल, कोठी बण्डा एवं बेही पठियार शामिल हैं।
पुलिस थाना के रूप में स्तरोन्नयन से इन क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति एवं पहुंच और अधिक प्रभावी होगी तथा अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शिकायतों के त्वरित निवारण एवं पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सीसीटीएनएस पर पहली एंट्री के साथ ऑनलाइन पुलिसिंग का शुभारंभ
पुलिस थाना के शुभारंभ मौके पर कृषि मंत्री द्वारा सीसीटीएनएस के ऑनलाइन सर्वर पर पुलिस थाना कोटला की पहली डेली डायरी (डीडी) एंट्री दर्ज कर इस प्रणाली का शुभारंभ किया गया।
इसके साथ ही पुलिस थाना कोटला की ऑनलाइन पुलिसिंग व्यवस्था का औपचारिक रूप से आगाज हुआ। सीसीटीएनएस के माध्यम से पुलिस थाना स्तर पर विभिन्न पुलिस प्रक्रियाओं एवं अभिलेखों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने में सहायता मिलेगी तथा पुलिस सेवाओं को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
क्षेत्र में पुलिसिंग को मिलेगा और अधिक विस्तार
पुलिस थाना कोटला के अस्तित्व में आने से क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी गश्त एवं निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराधों की रोकथाम एवं जांच को अधिक प्रभावी बनाने तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही क्षेत्रवासियों को पुलिस संबंधी सेवाओं एवं शिकायतों के निवारण के लिए अधिक सुगम एवं स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था उपलब्ध होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

