home page

कांगड़ा में पीएनबी आरसेटी ने अब तक 10620 महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा

 | 
कांगड़ा में पीएनबी आरसेटी ने अब तक 10620 महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा


धर्मशाला, 10 सितंबर (हि.स.)। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पीएनबी आरसेटी के निदेशक मदन लाल ने बताया कि 2025-26 में आरसेटी द्वारा 30 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए गए, जिनमें कुल 838 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वित्त वर्ष के लिए संस्थान का लक्ष्य 34 बैचों के माध्यम से 1000 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देने का है।

उन्होंने बताया कि आरसेटी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्थापना से लेकर अब तक कुल 394 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए जा चुके हैं और इनमें 10620 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 7408 प्रशिक्षार्थियों का सेटलमेंट हुआ है, जो कुल प्रशिक्षार्थियों का 75 प्रतिशत है। संस्थान द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें 6428 प्रशिक्षार्थी स्वरोजगार से जुड़े हैं, जो कुल सेटलमेंट का 74 प्रतिशत है। वहीं 3175 प्रशिक्षार्थियों को क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध हुआ है।

ग्रामीण युवाओं की स्थानीय जरूरतों और स्वरोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा कृषि, खाद्य एवं अन्य उत्पाद आधारित गतिविधियों तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें मशरूम कल्टीवेशन, जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर (लघु उद्यमी), जूट उत्पाद बनाने, मोमबत्ती बनाने, घरेलू अगरबत्ती निर्माण, कटिंग टेलरिंग, मोबाईल रिपेयर, कम्पयूटर टेली साॅफ्टवेयर, कृषि उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता तथा बैंक मित्र जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं।

धर्मशाला के समीप सिद्धबाड़ी की सुनीता कुमारी ने पीएनबी आरसेटी से गहने डिजाइन करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बनाया और आज सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला रही हैं। वहीं, डाढ़ की रेखा देवी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना ब्यूटी पार्लर शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। जमानाबाद की प्रेम लता और सुदेशना कुमारी ने अगरबत्ती एवं धूप बनाने का प्रशिक्षण लेकर अपने गांव में महिला मंडल समूह के साथ मिलकर व्यवसाय शुरू किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया