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पंचायती राज चुनाव : मतदान से 48 घण्टे पूर्व शराब की बिक्री पर रहेगी रोक

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पंचायती राज चुनाव : मतदान से 48 घण्टे पूर्व शराब की बिक्री पर रहेगी रोक


धर्मशाला, 23 मई (हि.स.)। जिला कांगड़ा में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के सुचारू, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मतदान क्षेत्र में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। जिला में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 26 मई, 28 मई और 30 मई को आयोजित किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मतदान क्षेत्र में मतदान समाप्त होने से पूर्व निर्धारित 48 घंटे की अवधि तथा मतगणना के दिन किसी भी होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, बार, दुकान अथवा अन्य सार्वजनिक एवं निजी स्थानों पर किसी भी प्रकार की मादक, स्प्रिटयुक्त या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री, वितरण अथवा उपलब्धता पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने बताया कि मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पूर्व के 48 घंटों के दौरान सार्वजनिक बैठकों और चुनाव प्रचार गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मतदान क्षेत्र में मतदान समाप्ति से पूर्व के 48 घंटों के दौरान कोई भी व्यक्ति चुनाव से संबंधित सार्वजनिक सभा, जुलूस अथवा जनसभा का आयोजन, संबोधन या उसमें भाग नहीं ले सकेगा। इसके अतिरिक्त चुनाव प्रचार के उद्देश्य से चलचित्र, टेलीविजन या अन्य माध्यमों के जरिए किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार तथा संगीत कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन अथवा मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन पर भी रोक रहेगी। आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मतदान केंद्रों के आसपास हथियार ले जाने पर प्रतिबंध

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने बताया कि इसके अतिरिक्त पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव-2026 के दृष्टिगत मतदान केंद्रों के आसपास हथियार ले जाने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। हालांकि ड्यूटी पर तैनात रिटर्निंग अधिकारी, पीठासीन अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा मतदान केंद्र पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त अन्य अधिकृत अधिकारी इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। उन्होंने कहा कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कारावास, जुर्माना अथवा दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त दोषी व्यक्ति के हथियार जब्त किए जा सकते हैं तथा हथियार लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि प्रधान, उप-प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के मतों की गणना मतदान केंद्रों पर तथा जिला परिषद एवं पंचायत समिति के मतों की गणना 31 मई 2026 को संबंधित ब्लाॅक मुख्यालयों में की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया