नूरपुर पुलिस की मासिक बैठक में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा
धर्मशाला, 06 जुलाई (हि.स.)। पुलिस जिला नूरपुर में पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज की अध्यक्षता में सोमवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त उप-मण्डल पुलिस अधिकारी, समस्त थाना प्रभारी, समस्त पुलिस चौकी प्रभारी, मुख्य लिपिक, प्रभारी सुरक्षा एवं प्रभारी साईबर सैल ने भाग लिया। बैठक के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण तथा अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही एनडीपीएस मामलों की वित्तीय जांच, पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के प्रस्तावों तथा अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु कड़े कदम उठाने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी जांच को भी प्राथमिकता दी गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों तथा अन्य साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया गया।
बैठक में बदलते समय के साथ पुलिस प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाने पर विशेष चर्चा हुई, जिसके तहत सभी अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं पुलिस पोर्टलों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त आगामी अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए । वहीं आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर किसी भी संभावित आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रहने तथा आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेशेवर कार्यशैली अपनाने, यातायात प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने, समाज से नशा उन्मूलन के लिए जनसहयोग बढ़ाने तथा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
अपराध समीक्षा बैठक के समापन के उपरांत पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस कल्याण बैठक का भी आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित पुलिस कर्मियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया तथा उनके कल्याण, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल की परिस्थितियों में सकारात्मक सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

