पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत राजोल से ठाणपूरी खण्ड की डीपीआर प्रक्रिया अंतिम चरण में : हर्ष मल्होत्रा
नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मन्त्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत राजोल से ठाणपूरी खण्ड की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने यह जानकारी राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी को सदन में दी।
इससे पूर्व राज्य सभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी ने बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में रजोल से ठाणपूरी और परौर से पधर के बीच 80 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए अभी तक डीपीआर तैयार नहीं की गई है तथा इसकी बजह से इसके निर्माण कार्य में देरी हो सकती है, इसलिए उन्होंने इसकी डीपीआर तत्काल तैयार करने का अनुरोध किया है।
फोरलेन बनने से 48 किलोमीटर कम होगी पठानकोट-मंडी के बीच की दूरी
राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वामी ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मन्त्रालय से पठानकोट-मण्डी फोरलेन निर्माण कार्य को तेज करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सड़क मार्ग राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके पूर्ण हो जाने से पठानकोट और मण्डी के बीच की वर्तमान 219 किलो मीटर की दूरी कम होकर मात्र 171 किलो मीटर रह जाएगी और यह मार्ग चण्डीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से मिल जायेगा जिससे सेना को लेह जाने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग मिलेगा।
कांगड़ा-चंबा-मंडी के पर्यटन को लगेंगे पंख
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने से कांगड़ा, चम्बा, पालमपुर, डलहौज़ी और मण्डी के पर्यटक स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी सुगम यातायात सुविधा प्रदान होगी जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर औसतन छह लाख पर्यटक सफर करते हैं तथा इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से औसतन दस लाख पर्यटक इस मार्ग का उपयोग करेंगे जिससे कांगड़ा, चम्बा के अतिरिक्त मण्डी, कुल्लू और लाहौल स्पीति में पर्यटन को बल मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

