10 दिनों में रेल सेवाओं को बहाल नही किया गया तो होगा उग्र आंदोलन : अनुराग शर्मा
धर्मशाला, 05 मई (हि.स.)। राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर कांगड़ा घाटी की बंद पड़ी रेल सेवाओं को पूर्ण तौर पर बहाल न किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। राज्यसभा सांसद मंगलवार को जिला कांगड़ा ज्वालामुखी रोड पर रानीताल स्टेशन पर रेल बहाली संघर्ष समिति द्वारा आयोजित रोष प्रदर्शन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि 4 वर्षों से पठानकोट जोगिंदर नगर रेल मार्ग पर रेलगाड़िया की आवाजाही ठप्प पड़ी है,इस वजह से क्षेत्र की जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि रेल विभाग द्वारा कई निरीक्षक रेलवे ट्रैक, रेल डिब्बों और चक्की पुल निरीक्षण के किया जा चुके हैं और इस रेल मार्ग पर रेलगाड़िया की बहाली के लिए उपयुक्त पाया है बावजूद इसके रेलगाड़िया की बंद है। अंग्रेजों के जमाने में मात्र 3 वर्षों के कार्यकाल में इस रेल मार्ग का निर्माण किया गया था जो की समय के बीतने के साथ-साथ कांगड़ा और मंडी के लाखों लोगों के लिए यह रेल मार्ग यातायात का महत्वपूर्ण साधन बन गया। इतना नहीं हिमाचल प्रदेश का यह रेल मार्ग बाहरी प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों और देवस्थानों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए देश के अन्य रेल मार्ग को जोड़ता है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि यदि पठानकोट की जनता को इस रेल मार्ग के संचालन से कोई दिक्कत है तो रेल विभाग वैकल्पिक व्यवस्था उत्पन्न करें न कि पठानकोट की बजाय डलहौजी रोड से रेल गाड़ियों के संचालन का निर्णय ले। शर्मा ने रेलवे विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि अधिकारी इस बात को भी सुनिश्चित करें कि बरसात के बहाने रेल मार्ग को बंद न किया जाए। रेलगाड़िया बहाल न होने से सैंकडों ढाबा संचालकों और टैक्सी चालकों का भी रोजगार छिन गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

