धर्मशाला-चड़ी मार्ग की बदहाली से 10-15 घरों पर भूस्खलन का खतरा
धर्मशाला, 14 अगस्त (हि.स.)। धर्मशाला-चड़ी मार्ग पर सुधेड़ के समीप करीब 300 मीटर सड़क की बदहाली और भूस्खलन के संभावित खतरे को लेकर कांगड़ा जिला बार एसोसिएशन ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर सोनी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क की स्थायी मरम्मत करवाने के साथ जल निकासी और सुरक्षा के उचित प्रबंध करने की मांग उठाई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर सोनी ने कहा कि सुधेड़ के पास सड़क का यह हिस्सा पिछले करीब डेढ़ से दो वर्षों से खराब हालत में है। लोक निर्माण विभाग की ओर से समय-समय पर सड़क पर मिट्टी डालकर मरम्मत की जाती है, लेकिन बारिश के दौरान यह व्यवस्था टिकाऊ साबित नहीं हो रही है। लगातार बारिश के कारण सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला-चड़ी मार्ग महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पठानकोट और अन्य क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग, कर्मचारी और स्कूली बच्चे भी इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत किसी भी समय बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।
जल निकासी की व्यवस्था नहीं, घरों पर खतरा
अंकुर सोनी ने बताया कि सड़क के इस हिस्से में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी सड़क की ओर बहने से सड़क के नीचे की जमीन लगातार कमजोर हो रही है। सड़क के ठीक नीचे करीब 10 से 15 घर स्थित हैं, जिन पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए प्रशासन को समय रहते सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
आपदा प्रबंधन निधि से राशि जारी करने की मांग
बार एसोसिएशन ने उपायुक्त से मांग की है कि आपदा प्रबंधन के तहत उपलब्ध निधि से लोक निर्माण विभाग को आवश्यक राशि जारी की जाए, ताकि सड़क की स्थायी मरम्मत के साथ जल निकासी और सुरक्षा से जुड़े कार्य भी करवाए जा सकें। अध्यक्ष ने कहा कि समस्या का समाधान महज मिट्टी डालकर नहीं किया जाना चाहिए। सड़क को वैज्ञानिक तरीके से दुरुस्त करने के साथ पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और संभावित जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

