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जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

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जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना


धर्मशाला, 21 जनवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को अपने पूर्व निर्धारित दिल्ली दौरे से सीधे कांगड़ा जिला में संगठनात्मक बैठकों के जरिए आगामी चुनावी शंखनाद किया। बुधवार को कांगड़ा एयरपोर्ट पंहुचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ।

इसके उपरांत नगरोटा बगवां और धर्मशाला में विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए जयराम ठाकुर ने वर्तमान सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि अपने ही कुप्रबंधन के बोझ से गिर जाएगी।

नगरोटा बगवां में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली ऐसी सरकार है जो संस्थान खोलने के बजाय उन्हें बंद करने का रिकॉर्ड बना चुकी है। मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार केवल 'फीता काटने' की जल्दबाजी में है और भाजपा कार्यकाल के दौरान 2022 में लोकार्पित हो चुके संजोली हेलीपोर्ट जैसे कार्यों का दोबारा उद्घाटन कर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है।

​प्रदेश की माली हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं, वहां आखिर पैसा जा कहां रहा है? जयराम ठाकुर के अनुसार, भाजपा सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में केवल 19 हजार करोड़ का ऋण लिया था, जिसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज चुकाने में गया, जबकि वर्तमान सुक्खू सरकार ने मात्र 3 साल के भीतर प्रदेश पर 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लाद दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विकास के बजाय केवल मुख्यमंत्री की 'मित्र मंडली' के घर भरे जा रहे हैं। कांग्रेस में मचे आंतरिक कलह पर स्थिति स्पष्ट करते हुए ठाकुर ने कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को अपमानित किया जाएगा और मुख्यमंत्री अड़ियल रवैये के साथ बदले की भावना से काम करेंगे, तो सब्र का बांध टूटना स्वाभाविक है।

उन्होंने विधायक सुधीर शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां मान-सम्मान न हो, वहां ज़लालत झेलने का कोई अर्थ नहीं है, इसलिए स्वाभिमानी नेता आज भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सरकार की विफलताओं को जन-जन तक पंहुचाएँ, क्योंकि जनता अब इस 'मित्रों की सरकार' से त्रस्त हो चुकी है और परिवर्तन का मन बना चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया