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धार्मिक पर्यटन का अर्थव्यवस्था और रोजगार में अहम योगदान : प्रो. बेदी

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धार्मिक पर्यटन का अर्थव्यवस्था और रोजगार में अहम योगदान : प्रो. बेदी


धर्मशाला, 27 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के पर्यटन, यात्रा एवं आतिथ्य प्रबंधन स्कूल द्वारा विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर प आयोजित सप्ताह-व्यापी उत्सव चरैवेति_2026 का रविवार को समापन हो गया। 21 से 27 सितम्बर 2026 तक मनाए गए विश्व पर्यटन सप्ताह की वैश्विक थीम डिजिटल एजेंडा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा पर्यटन का पुनर्निर्माण रही। इस दौरान पूरे सप्ताह में 25 से अधिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री प्रो. डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य संरक्षक के रूप में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. सत प्रकाश बंसल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सौम्या सांबशिवन, आईपीएस, डीआईजी नॉर्दर्न रेंज, हिमाचल प्रदेश उपस्थित रहीं और विशेष अतिथि के रूप में जफर इकबाल, आईएएस, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने अपने उद्बोधन में पर्यटन को इतिहास, प्राचीन विरासत, परम्परा और साहित्य के साथ जोड़ा। उन्होंने धार्मिक पर्यटन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में तीर्थाटन और सांस्कृतिक यात्राएं हमारी सभ्यता का अभिन्न अंग रही हैं। धार्मिक पर्यटन केवल आध्यात्मिक अनुभव नहीं है, बल्कि इसका अर्थव्यवस्था, रोजगार और लोकजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पर्यटन की प्रासंगिकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन, मिशन और उद्देश्य से जोड़ते हुए कहा कि जब पर्यटन बढ़ता है तो वह अपने साथ पूरे लोकजीवन को लेकर आगे बढ़ता है। पर्यटन हमारी संस्कृति और साहित्य का जीवंत प्रतिबिंब है।

विशिष्ट अतिथि सौम्या सांबशिवन, आईपीएस ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जहां भी जाएं, मेजबान संस्कृति का सम्मान करने का प्रमुख संदेश प्रसारित करें। उन्होंने विभिन्न पर्यटन स्थलों और सघन पर्यटन केंद्रों पर अनियंत्रित और उच्छृंखल पर्यटन के नकारात्मक प्रभावों से बचने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी के संदर्भ में। उन्होंने सुरक्षित और सतत पर्यटन के लिए जिम्मेदार पर्यटन पर जोर दिया।

विशेष अतिथि जफर इकबाल, आईएएस ने चरैवेति_2026 की सप्ताह-व्यापी गतिविधियों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गुलेर कॉन्क्लेव से लेकर नुक्कड़ नाटक, हेरिटेज ट्रेल से लेकर ट्रेजर हंट, विमर्श से लेकर जुहल गांव में सामुदायिक आउटरीच, जुहल गांव में औषधीय पौधों का रोपण, मांझी नदी तट पर कचरा संग्रहण अभियान, भारतोत्सव, नेशनल क्विज से लेकर शार्क टैंक तक और समापन समारोह तक हर गतिविधि उनके स्वच्छ और स्मार्ट धर्मशाला के स्वप्न दृष्टिकोण और मिशन के साथ पूरी तरह से संरेखित लगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया