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केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर तकनीकी प्रतियोगिताओं और शोध उपलब्धियों का प्रदर्शन

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केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर तकनीकी प्रतियोगिताओं और शोध उपलब्धियों का प्रदर्शन


केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर तकनीकी प्रतियोगिताओं और शोध उपलब्धियों का प्रदर्शन


धर्मशाला, 15 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएचपी) में मंगलवार को राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह दिवस भारत के महान अभियंता, नवोन्मेषक और राष्ट्रनिर्माता भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं रोबोटिक्स विभाग द्वारा विभिन्न तकनीकी एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें क्विज प्रतियोगिता, कोडिंग एवं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट चैलेंज तथा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान, रचनात्मकता, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, समस्या-समाधान क्षमता और टीमवर्क का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। प्रतियोगिताओं में विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग तथा उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी जैसे उभरते और परिवर्तनकारी तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ प्रयोग करने, पारंपरिक समाधानों से आगे सोचने तथा यह समझने के लिए प्रेरित करना था कि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी का उपयोग वास्तविक सामाजिक एवं मानवीय समस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार किया जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने विद्यार्थियों से ‘उद्देश्यपूर्ण इंजीनियरिंग’ का किया आह्वान। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों को राष्ट्रीय अभियंता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. बंसल ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी डिग्री प्राप्त करने, मशीनों को समझने या कंप्यूटर प्रोग्राम लिखने तक सीमित नहीं है। इंजीनियरिंग का वास्तविक अर्थ समस्याओं को पहचानना, उनकी मूल प्रकृति को समझना और ऐसे समाधान विकसित करना है जो मानव जीवन को बेहतर बना सकें।

सीयूएचपी में शुरू होगा एक वर्षीय एआई एवं रोबोटिक्स प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने विभाग में इसी शैक्षणिक सत्र से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं रोबोटिक्स में एक वर्षीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करने के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को इस प्रकार के कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाने तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया