केंद्रीय विश्वविद्यालय ने ‘हरित दीपावली-स्वच्छ दीपावली’ मनाने का लिया सामूहिक संकल्प
धर्मशाला, 05 नवंबर (हि.स.)। पर्यावरणीय सततता, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में 4 एवं 5 नवंबर को दो दिवसीय कार्यक्रम ‘हरित दीपावली–स्वच्छ दीपावली’ का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के सतत विकास लक्ष्य प्रकोष्ठ द्वारा सीयू के बिजनेस स्कूल, वाणिज्य एवं प्रबंधन अध्ययन संकाय के सस्टेनेबिलिटी क्लब तथा सांस्कृतिक क्लब के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को पर्यावरण के अनुकूल, समावेशी एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित दीपावली मनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से उत्तरदायी एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील नागरिकों का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि सतत विकास को केवल अकादमिक विमर्श अथवा नीतिगत प्रतिबद्धताओं तक सीमित न रखते हुए संस्थागत कार्यप्रणाली एवं व्यक्तिगत जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे पर्यावरण अनुकूल उत्सवों, जिम्मेदार उपभोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसी पहलें विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, जहां आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समावेशन एवं प्रत्येक नागरिक के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हरित दीपावली का विचार केवल वायु प्रदूषण एवं अपशिष्ट को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सभ्यतागत परंपराओं एवं जीवन मूल्यों से भी जुड़ा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

