कांगड़ा-चंबा की 300 पंचायतें फाइबर नेटवर्क से जुड़ीं
धर्मशाला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। भारत संचार निगम लिमिटेड के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांगड़ा एवं चंबा के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. विपिन कुमार मौर्या ने निगम की ओर से किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा और चंबा के दुर्गम क्षेत्रों तक दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बीएसएनएल के चौथी पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क के विस्तार के लिए पिछले दो वर्षों में दो प्रमुख परियोजनाओं पर काम किया गया है। इनमें डिजिटल भारत निधि के तहत संतृप्ति परियोजना और बीएसएनएल की चरण-9.2 परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तीसरे चरण में धर्मशाला व्यवसायिक क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।
डॉ. मौर्या ने बताया कि कांगड़ा और चंबा के संबंधित विकासखंडों में भारतनेट के तहत फाइबर नेटवर्क बिछाने का काम शुरू हो चुका है। कांगड़ा के 15 और चंबा के छह विकासखंडों में यह कार्य किया जा रहा है। पांगी को अलग व्यवसायिक क्षेत्र के तहत रखा गया है। अब तक दोनों जिलों की करीब 300 पंचायतों को फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि फाइबर कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। तेज इंटरनेट सुविधा मिलने से लोग घर बैठे ई-बैंकिंग, ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र समेत कई सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी घर से मिल सकेगी।
वरिष्ठ महाप्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल के चौथी पीढ़ी के नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाली तकनीक भारत में ही विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जो इस तरह की दूरसंचार तकनीक विकसित कर रहे हैं। भविष्य में स्वदेशी तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम होने की उम्मीद है। उन्होंने लोगों से बीएसएनएल की स्वदेशी तकनीक और सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही कहा कि उपभोक्ताओं से मिलने वाले सुझावों के आधार पर नेटवर्क और सेवाओं में लगातार सुधार किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

