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त्योहारों की छुट्टियों में फिर गुलजार हुई पर्यटन नगरी धर्मशाला, 50 से 70 फीसदी तक पहुंची होटल ऑक्यूपेंसी

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धर्मशाला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारों के मौसम और छुट्टियों के चलते पर्यटन नगरी धर्मशाला एक बार फिर सैलानियों की गुलज़ार होने लगी है। धर्मशाला की खूबसूरत वादियों का दीदार करने पहुंच रहे पर्यटक मैक्लोडगंज, भागसूनाग, नड्डी और खनियारा की खड़ौता घाटी, थातरी व लूंटा जैसे पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। वहीं, कई पर्यटक धर्मशाला के राज्य शहीद स्मारक पहुंचकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ यहां के शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। त्योहारों की छुट्टियों में परिवार के साथ घूमने निकले सैलानियों के पहुंचने से पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने लगी है।

धर्मशाला पहुंच रहे पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, साफ-सफाई और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना कर रहे हैं। धौलाधार की पहाड़ियों और बर्फ से ढकी चोटियों का आकर्षक नजारा पर्यटकों को खूब लुभा रहा है। मैक्लोडगंज और भागसूनाग में घूमने के साथ सैलानी नड्डी से धौलाधार की वादियों को निहार रहे हैं। वहीं, खनियारा क्षेत्र की खड़ौता घाटी, थातरी और लूंटा की प्राकृतिक खूबसूरती भी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वाले सैलानी आसपास के देवी मंदिरों में पहुंचकर दर्शन भी कर रहे हैं।

कोलकाता से परिवार के साथ धर्मशाला पहुंचीं ऋतुपर्णा मुखर्जी ने बताया कि यहां का वातावरण बेहद शांत और सुकून देने वाला है। उन्होंने दलाई लामा मठ और धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम का भ्रमण किया। स्टेडियम के आसपास पहाड़ों का नजारा उन्हें काफी पसंद आया। वहीं, उत्तर प्रदेश से पहुंचीं स्नेहा ने धर्मशाला की स्वच्छता, साफ हवा और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में यहां साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर महसूस हुई।

उधर स्मार्ट सिटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल धीमान ने बताया कि त्योहारों के सीजन और छुट्टियों के चलते धर्मशाला-मैक्लोडगंज में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। इसके चलते क्षेत्र के होटलों में ऑक्यूपेंसी लगभग 50 से 70 फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारियों को भी राहत मिलने लगी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया