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पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, कैप्टन सुमित माछर को अशोक चक्र देने की उठाई मांग

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धर्मशाला, 09 अक्टूबर (हि.स.)।

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन (जेसीओ एवं ओआर) हिमाचल प्रदेश ने कैप्टन सुमित माछर की बहादुरी और अदम्य साहस को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग उठाई है। संगठन ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनसे उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

संगठन की ओर से जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त कैप्टन जगदीश वर्मा, मीडिया प्रभारी नायब सूबेदार अमृत लाल और सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान ने बताया कि संगठन ने अपने आधिकारिक पत्र पर राष्ट्रपति को आग्रह पत्र भेजा है। इसमें 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में 175 से अधिक यात्रियों की जान बचाने के लिए कैप्टन सुमित माछर के साहस और बहादुरी को सम्मानित करने की मांग की गई है।

सेवानिवृत्त कैप्टन जगदीश वर्मा ने कहा कि अशोक चक्र देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान युद्ध के मैदान से बाहर असाधारण वीरता, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले सैन्यकर्मियों और आम नागरिकों को प्रदान किया जाता है। आतंकवाद विरोधी अभियानों सहित शांतिकाल में किए गए असाधारण वीरतापूर्ण कार्य भी इस सम्मान के दायरे में आते हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन सुमित माछर ने जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह सराहनीय है। ऐसे वीरतापूर्ण कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिलना चाहिए। संगठन ने कैप्टन सुमित माछर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया