एसओएस के विज्ञान पेपर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड का स्पेशल पहरा'
धर्मशाला, 16 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2026 की परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए 'मिशन मोड' में काम शुरू कर दिया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा। इस बार बोर्ड का विशेष ध्यान जमा दो राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) नियमित एवं डायरेक्ट विज्ञान विषयों पर है। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्न-पत्र वितरण की प्रक्रिया को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए बोर्ड ने 'हाई अलर्ट' जारी किया है और केंद्र अधीक्षकों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि जमा दो एसओएस डायरेक्ट विज्ञान की परीक्षा एक विशेष श्रेणी की प्रक्रिया है। इसके लिए सभी केंद्र अधीक्षकों और उप-केंद्र अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रश्न-पत्र वितरण से संबंधित पूर्व में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सूक्ष्मता से अध्ययन करें। डॉ. शर्मा ने साफ किया कि परीक्षा केंद्रों पर इन नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा या प्रशासनिक चूक की संभावना को शून्य किया जा सके।
वहीं इस बार की परीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव और चेतावनी बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) को लेकर है। बोर्ड ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि एमसीक्यू के उत्तर केवल और केवल ओएमआर शीट पर ही मान्य होंगे। यदि कोई परीक्षार्थी ओएमआर शीट के बजाय मुख्य उत्तरपुस्तिका के किसी अन्य भाग में उत्तर अंकित करता है या वहां टिक लगाता है, तो ऐसे उत्तरों के लिए शून्य अंक प्रदान किए जाएंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी।
परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए बोर्ड ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब परीक्षार्थियों को अपनी उत्तर कुंजी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। संबंधित विषयों की परीक्षा संपन्न होने के मात्र 48 घंटे के भीतर आधिकारिक उत्तर कुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके प्रदर्शन का तुरंत और सटीक अंदाजा देना है, जिससे वे स्वयं अपने उत्तरों का मिलान कर पारदर्शिता का अनुभव कर सकें।
इसके अलावा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का सफल संचालन केवल छात्रों की नहीं, बल्कि परीक्षा स्टाफ की भी जिम्मेदारी है। केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एसओएस डायरेक्ट विज्ञान के पेपर पैकेट खोलते समय और उनका वितरण करते समय पूरी चौकसी बरतें। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी केंद्र पर निर्देशों की अवहेलना पाई गई या लापरवाही के कारण छात्रों को परेशानी हुई, तो संबंधित स्टाफ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

