बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में डिजिटल पहरा, अध्यक्ष ने खुद संभाली कमान
धर्मशाला, 03 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य को पूरी तरह से निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए बोर्ड प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पहले ही दिन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों का सघन निरीक्षण किया।
सर्विलांस रूम से लाइव निगरानी
तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए डॉ. शर्मा ने बोर्ड मुख्यालय स्थित हाइ-टेक सर्विलांस कक्ष से ऑनलाइन माध्यम के जरिए प्रदेशभर के केंद्रों की गतिविधियों को परखा। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रक्रिया का जायजा लिया, बल्कि डिजिटल माध्यम से ही मूल्यांकन कार्य में तैनात शिक्षकों और बोर्ड कर्मचारियों से सीधा संवाद कर धरातल की स्थिति जानी।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने अधिकारियों और शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गोपनीयता सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षक अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड मुख्यालय से हर केंद्र की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की कोताही की गुंजाइश न रहे।
बोर्ड मूल्यांकन कार्य को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी डिजिटल निगरानी टीम हर केंद्र पर पैनी नजर रख रही है ताकि संपूर्ण प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
इस कड़े रुख से बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षाओं के बाद अब परीक्षा परिणामों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

