3 से 12वीं कक्षा तक के विशेष बच्चों के लिए जारी किए ‘ई-सीरीज’ मॉडल पेपर
धर्मशाला, 07 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ने और उनकी परीक्षा की राह को आसान बनाने के लिए एक शानदार पहल की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने इन विशेष विद्यार्थियों के लिए चयनित विषयों के ‘ई-सीरीज’ आदर्श प्रश्न पत्र (मॉडल पेपर) तैयार किए हैं। इन्हें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिया गया है। अब इन बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न, प्रश्नों के स्तर और पाठ्यक्रम को समझने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
बोर्ड द्वारा जारी किए गए इन आदर्श प्रश्न पत्रों को विद्यार्थियों के स्तर और उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वर्तमान में वेबसाइट पर कक्षा तीसरी और पांचवीं के लिए गणित तथा पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) के प्रश्न पत्र उपलब्ध हैं। वहीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान, जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए इतिहास व भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों के ई-सीरीज मॉडल पेपर अपलोड किए गए हैं।
उधर शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इस कदम को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक बड़ी छलांग बताया है। उनका कहना है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को डिजिटल माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाना यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें भी अन्य विद्यार्थियों के समान ही शैक्षणिक संसाधन और अवसर मिलें। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि एक सशक्त समाज के निर्माण की नींव है। इन पेपर्स से विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास का बेहतरीन मौका मिलेगा।
बोर्ड अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी स्कूल प्राचार्यों और अध्यापकों से आह्वान किया है कि वे शिक्षण के दौरान इन प्रश्न पत्रों का प्रभावी इस्तेमाल करें। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं और इन मॉडल पेपर्स के जरिए उन्हें निरंतर अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करें। विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक ये आदर्श प्रश्न पत्र हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के डाउनलोड सेक्शन में जाकर ‘ई-सीरीज’ के अंतर्गत आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, बोर्ड ने पारदर्शिता और सुधार के लिए भी रास्ते खुले रखे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

