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दीपावली सहित प्रमुख त्योहारों पर ग्रीन पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल की अनुमति

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धर्मशाला, 21 अक्टूबर (हि.स.)। जिला कांगड़ा में दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन ने एडवाइज़री जारी की है। उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 व 34 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले के सभी शहरों, कस्बों और ग्राम पंचायतों में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी है। इसके साथ ही पटाखे फोड़ने के लिए निर्धारित समय की अनुपालना करने के भी निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार, दीपावली पर 8 नवम्बर को रात 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त 24 नवम्बर को गुरुपर्व पर सुबह 4 बजे से 5 बजे तक तथा रात 9 बजे से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। इसी प्रकार 25 व 26 दिसम्बर को क्रिसमस तथा 31 दिसम्बर व पहली जनवरी को नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11ः55 बजे से अगले दिन 12:30 बजे तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

हेमराज बैरवा ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की खुदरा एवं थोक बिक्री संबंधित एमडीएम सिविल से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद ही निर्धारित खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर की जा सकेगी। दुकानों में आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण, रेत की बाल्टियां और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध होना अनिवार्य होगा। पटाखों को उनकी मूल पैकेजिंग में ही रखना होगा तथा दुकानों के अंदर या आसपास धूम्रपान, खुली आग और असुरक्षित विद्युत फिटिंग पर प्रतिबंध रहेगा। दो पटाखा दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी बनाए रखना भी आवश्यक होगा। इसके अलावा बाजारों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, शांत क्षेत्रों, धरोहर इमारतों और संरक्षित स्मारकों व इनके आसपास पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। सभी उपमंडलाधिकारी अपने क्षेत्रों में पटाखों की दुकानों का निरीक्षण करने और अनधिकृत बिक्री एवं अन्य उल्लंघनों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गये हैं। वहीं, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को आतिशबाजी से उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने को कहा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया