मुख्यमंत्री ने डाडासीबा में एसडीएम कार्यालय और कस्बा कोटला में सीएचसी घोषणा
धर्मशाला, 29 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को कांगड़ा दौरे के दौरान जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के डाडासीबा में नया उप-मंडलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए कार्यालय से संबंधित अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कस्बा कोटला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को चौबीसों घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक प्रावधान करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने डाडासीबा में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 1,012 मछुआरा परिवारों को वित्तीय सहायता जारी करने के उपरान्त एक जन समूह को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री मत्स्य सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 3,500 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मछली पकड़ने पर लगाए जाने वाले वार्षिक प्रतिबंध की अवधि के दौरान प्रत्येक मछुआरा परिवार को 3,500 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मछुआरा समुदाय की समस्याओं और कठिनाइयों को समझने के उपरान्त ही इस समुदाय की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व किसी भी सरकार ने मछुआरा परिवारों के कल्याण के बारे में नहीं सोचा।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्रदान किया है। यदि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद नहीं किया गया होता तो हिमाचल प्रदेश वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बन सकता था। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश को वर्ष 1952 से आरडीजी मिल रही थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसे बंद किए जाने के कारण राज्य को प्रति वर्ष लगभग 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
2 अक्टूबर को सोलन जिला से होगी अपना परिवार सुखी परिवार योजना
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष 2 अक्तूबर को सोलन जिले से मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 90,000 परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें अब तक किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। इस योजना के अंतर्गत लगभग दो लाख परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी। इन परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन के साथ 300 यूनिट मुफ्त बिजली भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

