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धर्मशाला में होंगे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन : मुख्यमंत्री

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धर्मशाला में होंगे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन : मुख्यमंत्री


धर्मशाला, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित करने के बाद सरकार का प्रयास है कि यहां क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित किए जाएं। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय होटल कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर में धर्मशाला में नॉर्थ जोन का अधिवेशन आयोजित करने की तैयारी है।

शुक्रवार को ई-गवर्नेंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने धर्मशाला पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कांगड़ा को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना और यहां होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ाना है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने धर्मशाला में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित करने का आग्रह किया था। उन्हें खुशी है कि ई-गवर्नेंस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के करीब 100 आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं। ऐसे आयोजनों से धर्मशाला और कांगड़ा की पहचान देशभर में मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार धर्मशाला में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन सीजन के दौरान होटलों की ऑक्युपेंसी को 70 से 75 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सम्मेलन और अन्य बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय कारोबारियों को अधिक अवसर मिल सकें।

20 से 30 प्रतिशत काम के बाद ही होगा शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को नई गतिविधियों से जोड़ने के लिए धर्मशाला में स्केटिंग परियोजना विकसित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सरकार किसी भी परियोजना का शिलान्यास या उद्घाटन तभी करेगी, जब उसमें 20 से 30 प्रतिशत तक काम हो चुका होगा। केवल शिलान्यास कर पत्थर लगाने के बजाय परियोजनाओं को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बजट की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।

नए जिलों के गठन और प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, निदेशक भू-अभिलेख, वरिष्ठ अधिवक्ता और सेवानिवृत्त नौकरशाह को शामिल किया गया है। आयोग जिलों, उपमंडलों, तहसीलों और ब्लॉकों के पुनर्गठन की संभावनाओं का अध्ययन करेगा। उन्होंने कहा कि किसी नई प्रशासनिक इकाई का गठन होगा या नहीं, इसका निर्णय आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज में करीब 20 वर्षों के बाद सीनियर रेजिडेंटशिप शुरू की गई है। उनके अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में संस्थान की व्यवस्थाओं में करीब 60 प्रतिशत सुधार हुआ है। हालांकि, पुरानी मशीनों को बदलने सहित अन्य सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटें बढ़ाकर 320 की गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया