ब्लॉक समितियों ने मांगा विकास निधि पर अधिकार, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
धर्मशाला, 05 सितंबर (हि.स.)। टाइड फंड के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली संपूर्ण राशि को सीधे जल शक्ति विभाग को प्रदान करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का ब्लाक समिति सदस्यों ने पूर्ण रूप से विरोध किया है। ब्लाक समिति सदस्य एवं कांगड़ा जिला ब्लाक समिति संघ अध्यक्ष चमन लाल कपूर ने कहा कि टाइड फंड की राशि का उपयोग संबंधित वार्डों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाना चाहिए तथा इसके उचित उपयोग और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं का निर्धारण करने का अधिकार संबंधित ब्लाक समिति को प्राप्त होना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश के सभी ब्लाक समिति सदस्यों एवं ब्लाक समिति चेयरमैनों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने ब्लाक स्तर पर इस निर्णय के विरोध में स्पष्ट एवं ठोस प्रस्ताव पारित कर सरकार तक अपनी आपत्ति एवं मांग पहुंचाएं।
शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में चमन लाल कपूर ने कहा कि ब्लाक समिति सदस्य जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। ऐसे में विकास निधि के उपयोग से संबंधित निर्णय प्रक्रिया में ब्लाक समितियों की भूमिका एवं अधिकार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक निधि का नहीं, बल्कि ब्लाक समितियों के अधिकारों, स्थानीय विकास और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी ब्लाक समिति सदस्यों से दलगत भावना से ऊपर उठकर एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया।
चमन लाल कपूर ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार ने ब्लाक समिति सदस्यों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और टाइड फंड के संबंध में अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो ब्लाक समिति सदस्य प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

