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प्रदेश सरकार की लापरवाही ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेला : बिक्रम ठाकुर

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प्रदेश सरकार की लापरवाही ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेला : बिक्रम ठाकुर


धर्मशाला, 24 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की गई थी कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा आम लोगों को राहत देने के लिए लाई जाएगी और इसे हिमकेयर के दायरे में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि न केवल रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ा दी गई है बल्कि सामान्य उपचार भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए ये योजनाएं जीवनरेखा मानी जाती थीं।

मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर आयुष्मान भारत और हिमकेयर के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के कारण कई अस्पताल योजनाओं के मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं या फिर आधा-अधूरा इलाज कर उन्हें बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कंगाली का परिणाम है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन और जरूरी दवाइयां निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। कई मामलों में ऑपरेशन टल रहे हैं, जांच बाहर करवानी पड़ रही है और मरीज आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया