नित नए जनविरोधी फैसलों से प्रदेश को पीछे धकेल रही सुक्खू सरकार : बिक्रम ठाकुर
धर्मशाला, 16 मार्च (हि.स.)। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के फैसले हिमाचल के भविष्य और आम जनता दोनों के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार स्कूलों को मर्ज करने के साथ कई स्थानों पर तालाबंदी कर छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रही है, वहीं दूसरी ओर बसों में मिलने वाली सुविधाओं और रियायतों को बंद कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
सोमवार को धर्मशाला से जारी एक प्रेस बयान में कहा कि बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश में शिक्षा और परिवहन दोनों ही जीवनरेखा हैं। पूर्व की सरकारों ने, चाहे वह कांग्रेस रही हो या भाजपा, हमेशा यह प्रयास किया कि दूरदराज के गांवों तक शिक्षा की लौ जल सके। इसी सोच के तहत गांव-गांव में स्कूल खोले गए, छात्रों को बसों में रियायतें दी गईं और प्रदेश की शिक्षा दर बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार इन सभी प्रयासों को कमजोर करने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना या मर्ज करना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों को पहले ही कई किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। ऐसे में नजदीकी स्कूल बंद करना और बसों की सुविधाओं को कम करना सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर चोट है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्थिति को सुधारने के बजाय सरकार ने उसे और बदहाल कर दिया है। प्रदेश में कई रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और यात्रियों को पहले से अधिक किराया देकर भी कम सुविधाएं मिल रही हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्ते न मिलना भी सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लगातार जनता पर बोझ डाल रही है। एक तरफ करों और शुल्कों में बढ़ोतरी की जा रही है और दूसरी तरफ जनता को मिलने वाली सुविधाएं छीनी जा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

