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आकाशवाणी धर्मशाला में कांगड़ी-गद्दी में बढ़ें कार्यक्रम, सांसद को सौंपा ज्ञापन

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धर्मशाला, 08 सितंबर (हि.स.)।

आकाशवाणी धर्मशाला के सुदृढ़ीकरण, स्थानीय भाषाओं-बोलियों और लोक संस्कृति के संरक्षण तथा वर्षों से सेवाएं दे रहे आकस्मिक उद्घोषकों एवं प्रस्तोताओं के हितों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आकाशवाणी केंद्र के तकनीकी एवं कार्यक्रमीय उन्नयन के साथ स्थानीय कलाकारों को अधिक कार्य-अवसर देने की मांग उठाई।

ज्ञापन में आकाशवाणी धर्मशाला के स्टूडियो और तकनीकी सुविधाओं को आधुनिक बनाने, कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा स्थानीय भाषाओं-बोलियों में समाचार और किसान वाणी जैसे कार्यक्रमों की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया गया। कांगड़ी, गद्दी और अन्य हिमाचली लोकभाषाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पहाड़ी और कांगड़ी बोली में फोन-इन तथा श्रोता सहभागिता कार्यक्रम बढ़ाने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उपलब्ध प्रसारण समय में से उपयुक्त हिस्सा स्थानीय और क्षेत्रीय कार्यक्रमों के लिए निर्धारित किया जाए। इससे क्षेत्र की लोककला, लोकगीत, लोकगाथा, लोकसाहित्य, इतिहास, परंपराओं और स्थानीय जनसरोकारों को व्यापक मंच मिल सकेगा।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार आकाशवाणी धर्मशाला के पास वर्षों का अनुभव रखने वाले स्थानीय कलाकारों और प्रस्तोताओं का सक्षम पैनल पहले से मौजूद है। उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी सुविधाओं और कार्यक्रमीय बजट का बेहतर समन्वय कर केंद्र की कार्यक्रमीय गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। आकस्मिक उद्घोषकों एवं प्रस्तोताओं ने वर्षों से सेवाएं दे रहे पात्र और अनुभवी कलाकारों के मानदेय में यथासंभव वृद्धि, अधिक कार्य-अवसर उपलब्ध करवाने और सरकारी प्रावधानों के अनुरूप नियमितीकरण की संभावनाओं पर विचार करने का भी आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया