कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार : प्रभावित परिवारों ने सरकार से मांगा दो वर्ष का अतिरिक्त समय
धर्मशाला, 07 जुलाई (हि.स.)। कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार परियोजना से प्रभावित महाल रच्छियाल और क्योड़ियां गांवों के परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगाई है। प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए पुनर्वास और अन्य लंबित समस्याओं के समाधान के लिए कम से कम दो वर्ष का अतिरिक्त समय देने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रभावित परिवारों ने कहा है कि परियोजना के चलते उन्हें अनेक व्यावहारिक और सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि सरकार कम से कम दो वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान करती है तो वे अपने परिवारों के पुनर्वास और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे।
प्रभावित परिवारों ने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी मांगों और निवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए तथा उचित निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए सकारात्मक कदम उठाएगी। मंगलवार को प्रभावित परिवारों की ओर से हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन उपायुक्त कांगड़ा को सौंपा गया, जिसे मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के समक्ष भेजने का अनुरोध किया गया है। प्रभावित परिवारों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करेगी।
उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि सरकार के समक्ष बात रखकर उचित समय लोगों को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया की नियमों के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने के तीन माह के भीतर-भीतर जमीन पर संबंधित विभाग को कब्जा लेना होता है। डीसी ने बताया कि मात्र जिन स्थानों पर रिहेबिलिटेशन का कार्य प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर किया जाना है, उसके लिए 18 माह का समय रहता है। इसके अलावा लोगों को उचित समय देने की बात सरकार से की जाएगी, और उनका पक्ष रखा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

