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कृषि विश्वविद्यालय द्वारा पशु पालक मेले का आयोजन

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कृषि विश्वविद्यालय द्वारा पशु पालक मेले का आयोजन


धर्मशाला, 23 मार्च (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने पशु चिकित्सा रोग विज्ञान विभाग, डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के अश्व पालकों हेतु पशु पालक मेला–2026 एवं पशु आहार-सह-चिकित्सा किट वितरण समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कांगड़ा, चंबा एवं मंडी जिलों के अनुसूचित जाति समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को वैज्ञानिक पशुपालन हस्तक्षेपों के माध्यम से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें अश्व जनसंख्या पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) ए. के. पांडा ने विश्वविद्यालय, विभाग एवं परियोजना दल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने किसानों की आय एवं पोषण सुरक्षा बढ़ाने के लिए कृषि प्रणाली के साथ पशुपालन के एकीकरण के महत्व पर बल दिया। साथ ही उन्होंने किसानों को व्यावसायिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ हो तथा सतत कृषि विकास को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई), हिसार के अश्व स्वास्थ्य प्रभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अवधेश प्रजापति भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों से संवाद किया तथा भविष्य में अश्व संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कांगड़ा जिले के कहिरा, पुडवा, पट्टी, राजपुर, भरमात एवं आसपास की पंचायतों के 100 अनुसूचित जाति लाभार्थियों को प्रोत्साहन किटों का वितरण रहा। प्रत्येक किट में अश्व आहार, खनिज मिश्रण, यूएमएमबी ईंटें, टब, प्राथमिक उपचार एवं पशु स्वास्थ्य देखभाल हेतु चिकित्सा किट, जानकारीपरक साहित्य तथा अश्व रोगों एवं उनके प्रबंधन पर आधारित स्वास्थ्य कैलेंडर शामिल थे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया