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किसानों और पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ करना सरकार का लक्ष्य : प्रो. चंद्र कुमार

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धर्मशाला, 03 मार्च (हि.स.)।

किसानों और पशुपालकों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाकर उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मंगलवार को ज्वाली में एक दिवसीय पशुपालक जागरूकता एवं संवाद शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पशुओं के संतुलित आहार, नवजात बछड़ों की देखभाल, प्रमुख बीमारियों की रोकथाम, प्रजनन विकार तथा दुधारू पशुओं के उपचार संबंधी जानकारी दी। कृषि मंत्री ने कहा कि यह शिविर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पशुपालकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि पशुओं के बिना प्राकृतिक खेती संभव नहीं है। प्राकृतिक रूप से उगाई गई मक्की, गेहूं, जौ तथा कच्ची हल्दी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

कृषि मंत्री ने विभाग के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि वे गांव स्तर पर पशुपालकों के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि पशुपालकों को वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता एवं पशु स्वास्थ्य शिविर पूरे प्रदेश में पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

प्रो. चंद्र कुमार ने पशुपालकों से आह्वान किया कि वे ऐसे जागरूकता शिविरों का भरपूर लाभ उठाएं तथा विभागीय योजनाओं और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अपने पशुपालन व्यवसाय को सुदृढ़ बनाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया