home page

कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सुभाष वर्मा को आईएसवीआईबी फेलोशिप

 | 
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सुभाष वर्मा को आईएसवीआईबी फेलोशिप


कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सुभाष वर्मा को आईएसवीआईबी फेलोशिप


धर्मशाला, 10 अक्टूबर (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सुभाष वर्मा को भारतीय पशु चिकित्सा प्रतिरक्षा विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी सोसायटी (आईएसवीआईबी) की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया, जबकि पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की पीएचडी शोधार्थी डॉ. शिवानी बरसैन को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्रदान किया गया। ये सम्मान बेंगलुरु स्थित आईसीएआर-निवेदी में आयोजित आईएसवीआईबी के 31वें वार्षिक अधिवेशन एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘विबकॉन-2026’ के दौरान प्रदान किए गए।

डॉ. सुभाष वर्मा पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान के प्रोफेसर तथा पशु चिकित्सा परजीवी विज्ञान एवं पशु आनुवंशिकी और प्रजनन विभागों के प्रमुख हैं। उन्हें पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित फेलोशिप प्रदान की गई। इस फेलोशिप के लिए चयनित केवल दो वैज्ञानिकों में डॉ. वर्मा भी शामिल रहे।

‘स्मार्ट जैव प्रौद्योगिकी नवाचारों और रोग संबंधी जानकारी के माध्यम से पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन प्रणालियों में परिवर्तन’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में पशु चिकित्सा प्रतिरक्षा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, रोग निदान और पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े लगभग 400 वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

डॉ. वर्मा ने सम्मेलन में ‘एंटीबायोटिक्स से आगे: ब्रुसेलोसिस के प्रबंधन में पादप-रसायन और बैक्टीरियोफेज’ विषय पर मुख्य व्याख्यान भी दिया।

डॉ. शिवानी बरसैन को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार

विश्वविद्यालय की एक अन्य उपलब्धि के रूप में पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की पीएचडी शोधार्थी डॉ. शिवानी बरसैन को बहुऔषधि-प्रतिरोधी (एमडीआर) स्टैफिलोकोकस ऑरियस के विरुद्ध पौधों से प्राप्त जैव-सक्रिय अणुओं के उपयोग से औषधि खोज संबंधी शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनका शोध रोगाणुरोधी प्रतिरोध की चुनौती से निपटने में पौधों से प्राप्त जैव-सक्रिय यौगिकों की संभावनाओं पर केंद्रित है।

विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पंकज सूद तथा पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश चहोता ने डॉ. वर्मा और डॉ. बरसैन को उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया