आठवें वेतन आयोग को लेकर पूर्व सैनिकों का ज्ञापन, ओआरओपी विसंगतियों पर जताई चिंता
धर्मशाला, 20 मार्च (हि.स.)। पूर्व सैनिक संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन, हिमाचल प्रदेश ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को ज्ञापन भेजकर पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों पर शीघ्र और गंभीरता से विचार करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद इन मुद्दों को सुलझाया गया, तो विसंगतियों को दूर करना और अधिक जटिल हो जाएगा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन जगदीश वर्मा (सेवानिवृत्त), मीडिया प्रभारी नायब सूबेदार अमृत लाल और कोषाध्यक्ष सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजे गए ज्ञापन में पूर्व सैनिकों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया है। इन प्रमुख मांगों में ओआरओपी के चौथे पुनरीक्षण में सामने आई सभी विसंगतियों को दूर करने, प्रीमेच्योर रिटायर हुए सैनिकों को भी ओआरओपी में शामिल करने, सभी रैंकों के लिए एमएसपी 15,500 रुपये निर्धारित करने, डिसेबिलिटी पेंशन सभी रैंकों के लिए समान किए जाने, एक्स ग्रुप को वर्ष 2016 में मिल रहे 6200 रुपये का लाभ पुनः शुरू करने, अग्निवीर योजना को समाप्त किए जाने, सहायक प्रथा को खत्म करने, सीएसडी कैंटीन में शराब, कार और अन्य सामान पर अधिकारियों, जेसीओ और ओआर के बीच हो रहे भेदभाव को समाप्त कर समान लाभ दिए जाने जैसी मांगें शामिल हैं।
कैप्टन जगदीश वर्मा ने कहा कि पूर्व सैनिक वर्ष 2024 से लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ज्ञापन भेजते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे देशभर के पूर्व सैनिकों में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अब पूर्व सैनिकों को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग से उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकलेगा। ओआरओपी योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका लाभ उन्हीं पूर्व सैनिकों को मिलना चाहिए, जिनके लिए यह योजना बनाई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में कुछ ऐसे लोग भी इसका लाभ उठा रहे हैं, जो सशस्त्र सेनाओं में 60 वर्ष की आयु तक सेवा देकर सेवानिवृत्त होते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

