पांच करोड़ से बड़े निर्माण कार्यों की संयुक्त निविदा से इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के हित प्रभावित नहीं होंगे : राजेश धर्माणी
शिमला, 27 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में वीरवार को सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की संयुक्त निविदा को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने नियम-62 के तहत यह मामला सदन में उठाया था। लोक निर्माण मंत्री की अनुपस्थिति में तकनीकी शिक्षा एवं नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि संयुक्त निविदा व्यवस्था से इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के माध्यम से जुड़े हिमाचली कामगारों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राजेश धर्माणी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने 19 मई, 2026 को एक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार पांच करोड़ रुपये से अधिक अनुमानित लागत वाले कार्यों को सिविल, इलेक्ट्रिकल और उद्यान संबंधी कामों को शामिल करते हुए संयुक्त निविदा के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन निर्माण में शामिल विद्युत से जुड़े काम पात्र इलेक्ट्रिकल एजेंसियों के माध्यम से ही करवाए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि निविदा की शर्तों के अनुसार मुख्य ठेकेदार को छोटे घटक का काम खुद करना होगा या विद्युत कार्यों के लिए किसी पात्र एजेंसी को अपने साथ जोड़ना होगा। इसके लिए मुख्य ठेकेदार को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम तीन इलेक्ट्रिकल एजेंसियों का विवरण देना होगा। यदि बोली जमा करते समय यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो बोली स्वीकृत होने से पहले यह विवरण देना होगा।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग में कई बड़े भवन निर्माण कार्य सिविल और इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने के कारण देर से पूरे होते हैं। ऐसे मामलों में यह भी तय करना मुश्किल होता है कि देरी के लिए जिम्मेदारी किसकी है। सरकार ने इसी समस्या को देखते हुए बड़े कार्यों को एक ही संस्था के माध्यम से करवाने की व्यवस्था की है। इससे काम की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और निर्माण की गुणवत्ता तथा समय सीमा पर निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।
राजेश धर्माणी ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की व्यवस्था का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में भी भवन और सड़क निर्माण के लिए समग्र निविदा प्रणाली अपनाई जाती है। इसमें सिविल कार्यों के साथ भवन के अंदर और बाहर किए जाने वाले विद्युत कार्यों को भी शामिल किया जाता है।
मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि संयुक्त निविदा व्यवस्था का उद्देश्य इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों को काम से बाहर करना नहीं है। पात्र इलेक्ट्रिकल एजेंसियां पहले की तरह विद्युत कार्य कर सकेंगी।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के हित सुरक्षित रहेंगे और उनके साथ काम करने वाले हिमाचली कामगारों के रोजगार पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता और ठेकेदारों से जुड़ी चिंताओं को समझती है। संयुक्त निविदा की व्यवस्था बड़े निर्माण कार्यों में बेहतर समन्वय, स्पष्ट जिम्मेदारी और समय पर काम पूरा करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

