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जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मियों को तीन महीने से नहीं मिला वेतन

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मंडी, 21 अगस्त (हि.स.)। जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन मिलने में बार-बार हो रही देरी से कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। विभाग में करीब 508 कंप्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर पिछले कई वर्षों से कम वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें नियमित रूप से समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में भी पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे विभाग के कार्यालयों में कंप्यूटर एवं डाटा एंट्री से जुड़े कार्य पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद मेहनताने के लिए उन्हें बार-बार इंतजार करना पड़ रहा है। वेतन में लगातार हो रहे विलंब के कारण घर-परिवार का खर्च चलाने से लेकर बच्चों की स्कूल फीस, राशन, बिजली-पानी के बिल और बैंक ऋण की किस्तों सहित अन्य जरूरी भुगतान समय पर करना मुश्किल हो रहा है।

कर्मचारियों के अनुसार यह समस्या पहली बार सामने नहीं आई है। करीब चार महीने पहले फरवरी माह में भी आउटसोर्स कर्मचारियों को इसी तरह वेतन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। उस समय कर्मचारियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद वेतन जारी किया गया, लेकिन कुछ समय बाद एक बार फिर वही स्थिति पैदा हो गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार ऐसी स्थिति बनने से उनमें असुरक्षा और नाराजगी बढ़ रही है। आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि पहले ही उन्हें सीमित वेतन मिलता है और उसी से पूरे महीने का घरेलू बजट चलता है। ऐसे में दो से तीन महीने तक वेतन नहीं मिलने पर आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा जाती है। बैंक की किस्तें समय पर जमा नहीं होने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को भी टाला नहीं जा सकता। कई कर्मचारियों को आवश्यक खर्चों के लिए उधार तक लेने की नौबत आ रही है।

कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब उनसे पूरे महीने नियमित रूप से काम लिया जाता है और वे विभागीय कार्यों को समय पर पूरा करते हैं, तो उनके वेतन भुगतान के लिए भी निश्चित समय सीमा क्यों नहीं बनाई जा सकती।

कंप्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि मार्च माह में प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में स्टेट हेड से वेतन देने का फैसला लिया था, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार और विभाग से इस फैसले को जल्द धरातल पर लागू करने की मांग की है।

इधर, प्रमुख अभियंता जल शक्ति विभाग अंजू शर्मा का कहना है कि आउटसोर्स कर्मियों के वेतन व उनके लिए नीति निर्धारण का मामला सरकार व विभाग के उच्च अधिकारियों के ध्यान में है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा