हिमाचल की अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर, सरकार दिखा रही आत्मनिर्भरता के सपने: जयराम ठाकुर
शिमला, 05 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति पर सुक्खू सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के दावे कर रही है, जबकि कैग की रिपोर्ट में राज्य के खजाने पर बढ़ते दबाव की तस्वीर सामने आई है।
जयराम ठाकुर ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वित्तीय अनुशासन और वित्तीय समझदारी की बात करते हैं, लेकिन कैग की रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े सरकार के दावों से अलग तस्वीर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2022-23 के बीच कैश बैलेंस इन्वेस्टमेंट अकाउंट में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान यह राशि 3,645.18 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2023-24 में इसमें 2,187.37 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,457.81 करोड़ रुपये की कमी आई।
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार कैग रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि संबंधित वित्तीय वर्ष में 162 दिन यानी साल के करीब 44 प्रतिशत दिनों में राज्य के पास निर्धारित न्यूनतम नकदी उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि 12 महीनों के दौरान प्रदेश की ट्रेजरी 42 बार ओवरड्राफ्ट हुई। वर्ष के अंत तक 1,652.42 करोड़ रुपये की राशि चुकानी बाकी थी। इस अल्पकालिक उधारी पर सरकार को 12.40 करोड़ रुपये अतिरिक्त ब्याज देना पड़ा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी अवधि में रिजर्व बैंक से वेज़ एंड मीन्स एडवांस के जरिए 120 बार कुल 11,276.83 करोड़ रुपये लिए गए। उन्होंने इसे प्रदेश की गंभीर वित्तीय स्थिति का संकेत बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों के लिए उपलब्ध धन का इस्तेमाल दूसरे खर्चों में कर रही है। उनके अनुसार विकास योजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि के दूसरे मदों में खर्च होने से कई योजनाओं में देरी हो रही है। उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं होने से आगे का बजट आवंटन प्रभावित हो रहा है। योजनाओं की लागत बढ़ रही है और कुछ मामलों में धनराशि वापस करनी पड़ रही है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने इस लक्ष्य को हासिल करने की स्पष्ट योजना रखनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

