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सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को बचाने और जांच रुकवाने का किया काम : जयराम ठाकुर

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सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को बचाने और जांच रुकवाने का किया काम : जयराम ठाकुर


शिमला, 28 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर भर्ती प्रक्रियाओं और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर निशाना साधा है। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री यह दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार के दौरान कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि सरकार ने कितनी भर्तियां पूरी की हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने और जांच को रोकने का काम किया गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्री-नर्सरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए, जिसके बाद भर्ती रोक दी गई। उनके अनुसार इससे छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और कई शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च कर शिक्षक रखने पड़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सा अधिकारियों और नर्सों की भर्ती के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी कड़ी टिप्पणियां की थीं और कई बार भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री सार्वजनिक मंचों से सिफारिश के आधार पर नौकरियां दिलाने की बातें करते रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने हाल में हुई पुलिस भर्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने सामूहिक नकल और पेपर बेचने-खरीदने के आरोप लगाए थे। उनके अनुसार पुलिस की कार्रवाई में कुछ आरोपी पकड़े गए, जिनसे नकदी और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर मामले के बाद भी सरकार ने जांच आगे नहीं बढ़ाई।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय पुलिस भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आते ही तुरंत प्राथमिकी दर्ज की गई, विशेष जांच दल का गठन किया गया और मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। उन्होंने कहा कि उस समय परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई और अभ्यर्थियों को बस यात्रा की निःशुल्क सुविधा भी दी गई। उनके अनुसार बाद में सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की।

जयराम ठाकुर ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022 तक प्रदेश में एक लाख 90 हजार से अधिक स्थायी कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विधानसभा में पेश सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह संख्या घटकर करीब एक लाख 75 हजार रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार रोजगार देने के अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा