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नीरज भारती के आरोपों ने सरकार पर खड़े किए गंभीर सवाल : जयराम ठाकुर

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नीरज भारती के आरोपों ने सरकार पर खड़े किए गंभीर सवाल : जयराम ठाकुर


शिमला, 11 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में हाल के दिनों में सामने आई बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और उनसे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

जयराम ठाकुर ने वीरवार को शिमला में कहा कि नीरज भारती ने अपने बयानों में कथित तौर पर अटैचियों का जिक्र किया है और इससे सरकार में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को बल मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से भ्रष्टाचार की चर्चा होती रही है और अब सत्तारूढ़ दल के ही नेता इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक नीरज भारती के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा नीरज भारती को लेकर की गई टिप्पणी पर भी जयराम ठाकुर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री किसी व्यक्ति पर इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान का क्या परिणाम निकला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यदि ऐसी जानकारी थी तो पहले इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर भाजपा पर गुटबाजी के आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पार्टी अध्यक्ष रहते हुए भी एक विशेष गुट का नेतृत्व करते थे और अब मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पूरे प्रदेश के बजाय एक गुट के नेता के रूप में काम कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल के चुनावी नतीजों और राजनीतिक परिस्थितियों से यह संकेत मिला है कि जनता का भरोसा सरकार से कम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जनादेश सरकार के पक्ष में नहीं रहा और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें आर्थिक स्थिति का हवाला देकर वेतन भुगतान को टालने का निर्णय लिया गया था और बाद में उसे वापस लेना पड़ा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के फैसले लेती है और बाद में उन्हें बदलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 3,924 करोड़ रुपये की अनटाइड ग्रांट प्रदान की है और केंद्र से राज्य को लगातार वित्तीय सहायता मिल रही है। उनके अनुसार केंद्र द्वारा विभिन्न मदों में दी गई मदद के बावजूद राज्य सरकार उसकी सराहना करने से बच रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा