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अवैध पेड़ कटान व वित्तीय गड़बड़ियों पर कांग्रेस सरकार चुप, सत्ता जाते ही होगी कार्रवाई : जयराम ठाकुर

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अवैध पेड़ कटान व वित्तीय गड़बड़ियों पर कांग्रेस सरकार चुप, सत्ता जाते ही होगी कार्रवाई : जयराम ठाकुर


शिमला, 09 मार्च (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि प्रदेश में इस समय सरकार अस्थिरता और डर के माहौल में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध पेड़ कटान और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है, लेकिन सत्ता बदलते ही इन मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

शिमला में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई विकास कार्य रुक गए हैं और नई योजनाओं की बजाय पहले से शुरू परियोजनाओं के उद्घाटन किए जा रहे हैं। उन्होंने सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में कथित अवैध पेड़ कटान का जिक्र करते हुए कहा कि जहां 25 पेड़ काटने की अनुमति थी, वहां 300 से ज्यादा पेड़ काट दिए गए और इस मामले में राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने मंडी जिले में सामने आए वन कटान के एक अन्य मामले और एक परियोजना में करीब 120 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार के पास भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई सबूत हैं तो कार्रवाई करे, लेकिन केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा।

उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सिद्धांत के आधार पर इस बार अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे कांग्रेस को मौका मिला। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के भीतर जिस तरह की खींचतान और भ्रम की स्थिति सामने आई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता टिकट के लिए दिल्ली तक गए और कई लोगों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनके नाम पर विचार हो रहा है। उनके मुताबिक कुछ नेताओं ने नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली थीं, लेकिन अंतिम समय में फैसला बदल दिया गया, जिससे पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ा।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर संवाद और सम्मान की भावना कमजोर हो गई है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि मित्र मंडल से चलाई जा रही है और अहम फैसले सीमित लोगों के बीच लिए जा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने राज्यसभा के लिए चुने गए उम्मीदवार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें साधारण कार्यकर्ता बताया, लेकिन उनके शपथपत्र में करीब 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आई है और सरकार में उनके पास कई करोड़ रुपये के ठेके भी हैं। उनके मुताबिक इससे यह सवाल उठता है कि वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को ऐसा अवसर क्यों नहीं मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा