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मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा जेल भरो आंदोलन, 10 अगस्त को नाहन में प्रदर्शन 

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मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा जेल भरो आंदोलन, 10 अगस्त को नाहन में प्रदर्शन 


नाहन, 07 अगस्त (हि.स.)। संयुक्त मजदूर संगठनों की समन्वय समिति ने 10 अगस्त को देशभर में जेल भरो आंदोलन करने का ऐलान किया है। समिति का कहना है कि यह आंदोलन केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, चार लेबर कोड, भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), अन्य मुक्त व्यापार समझौतों और निजीकरण की नीतियों के विरोध में आयोजित किया जाएगा।

इस संबंध में शुक्रवार को नाहन में समिति की बैठक हुई, जिसमें सीटू, इंटक और एटक के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि 10 अगस्त का आंदोलन किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और आम लोगों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1942 को देश में ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था। उनके अनुसार आज देश की जनता आर्थिक नीतियों के जरिए बढ़ते विदेशी दबाव और अमेरिकी प्रभाव का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन देश की आर्थिक संप्रभुता, श्रमिक अधिकारों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए होगा।

आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के चार लेबर कोड मजदूरों को लंबे संघर्ष के बाद मिले अधिकारों को कमजोर करते हैं। उनका आरोप है कि इन कानूनों से स्थायी रोजगार के अवसर कम होंगे, ठेका प्रथा बढ़ेगी, यूनियन बनाने और आंदोलन करने के अधिकार सीमित होंगे तथा श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा भी प्रभावित होगी।

उन्होंने मांग की कि देश के सभी मजदूरों के लिए 26 हजार रुपये प्रतिमाह राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाए। साथ ही सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), पेंशन और अन्य कानूनी अधिकार दिए जाएं। उन्होंने ठेका और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।

आशीष कुमार ने कहा कि भारत-अमेरिका प्रस्तावित एफटीए और अन्य मुक्त व्यापार समझौते किसानों, बागवानों, डेयरी उत्पादकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के हितों के खिलाफ हैं।

उनका कहना है कि इन समझौतों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ मिलेगा, जबकि कृषि, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

बैठक में 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया। समिति ने किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास रखने वाले लोगों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर