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असंवैधानिक कानून बनाकर बार-बार हाईकोर्ट में फजीहत करवा रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

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असंवैधानिक कानून बनाकर बार-बार हाईकोर्ट में फजीहत करवा रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर


शिमला, 28 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति में सरकार के हस्तक्षेप से जुड़े कानून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार बार-बार ऐसे कानून बना रही है, जिन्हें न्यायालय में चुनौती मिलने पर असंवैधानिक करार दिया जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री खुद को कानून का जानकार बताते हैं, लेकिन सरकार द्वारा विधानसभा में पारित किए जा रहे कानून संवैधानिक कसौटी पर टिक नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधानसभा के भीतर लगातार सरकार को आगाह करता रहा है कि ऐसे कानून न बनाए जाएं, जो न्यायिक समीक्षा में टिक ही न सकें।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की थी और शायद इसी कारण वह विश्वविद्यालयों को विभाग की तरह चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के कामकाज में सरकार के हस्तक्षेप की कोशिश को हाईकोर्ट के फैसले से एक बार फिर झटका लगा है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व विधायकों की पेंशन समाप्त करने के लिए बनाए गए कानून को भी हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया था। इसी तरह कर्मचारियों के पदोन्नति के अधिकार को प्रभावित करने के सरकार के प्रयास को भी न्यायालय ने रद्द कर दिया। पंचायत चुनावों से जुड़े मामलों में भी सरकार को न्यायालय से लगातार झटके लगे हैं।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार फैसले लेते समय संवैधानिक सीमाओं और नैतिक मर्यादाओं का ध्यान नहीं रख रही है। उन्होंने कहा कि इससे केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठते, बल्कि विधानसभा की गरिमा भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में बहुमत के आधार पर कानून पारित किया जा सकता है, लेकिन कोई भी कानून संविधान से ऊपर नहीं हो सकता। सरकार को संवैधानिक प्रावधानों और न्यायिक समीक्षा की सीमाओं का ध्यान रखते हुए ही कानून बनाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला