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पेपर लीक पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन हिमाचल सरकार का रवैया उलटा : जयराम ठाकुर

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पेपर लीक पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन हिमाचल सरकार का रवैया उलटा : जयराम ठाकुर


शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध पर स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जयराम ठाकुर ने वीरवार काे एक बयान में कहा कि मोदी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई है। इसके विपरीत, हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार का रवैया पूरी तरह अलग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के मंत्री सार्वजनिक मंचों से सिफारिश के आधार पर नौकरी दिलाने की बातें करते हैं। साथ ही, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की हालिया भर्ती प्रक्रिया में एक ही विधानसभा क्षेत्र के लोगों के चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस भर्ती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि पेपर लीक के स्पष्ट संकेत मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने इसे पेपर लीक मानने से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, नकदी बरामद हुई थी और पैसे के लेन-देन के प्रमाण भी सामने आए थे। इसके अलावा, कई अभ्यर्थियों ने सामूहिक नकल के आरोप लगाए और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की, लेकिन सरकार ने जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई जांच की संस्तुति के बावजूद संबंधित रिपोर्ट को दबा दिया गया और जिन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर बयान देने से पहले अपनी सरकार के कार्यों का आकलन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भाजपा युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है।

संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा को लेकर जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की नीयत साफ होती तो वह युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर संसद में सार्थक चर्चा करती। इसके बजाय शर्तें लगाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं, बल्कि गंभीर चर्चा और ठोस समाधान होने चाहिए, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस विषय का इस्तेमाल कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला