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मानसून सत्र में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे : जयराम ठाकुर

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मानसून सत्र में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे, जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे : जयराम ठाकुर


शिमला, 20 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी। यदि सरकार विपक्ष की बातों को गंभीरता से लेगी तो विपक्ष सहयोग करेगा, लेकिन जनहित के मुद्दों को टालने का प्रयास हुआ तो सदन के भीतर और बाहर जनता की आवाज बुलंद करते हुए सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा।

मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को सदन की गंभीरता को समझना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री तथ्यों के साथ उचित बात रखेंगे तो विपक्ष उनकी बात सुनेगा, लेकिन लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास हुआ तो विपक्ष उसका पुरजोर विरोध करेगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने का प्रयास करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बदले की भावना से मामले दर्ज करने का सिलसिला चला रही है, जो स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मामले गंभीर हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान विकास के बजाय संस्थानों को बंद करने पर अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से विपक्ष के सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में बार-बार ‘सूचना एकत्र की जा रही है’ कहकर मामले को टालने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा कि कई बार विभागाध्यक्षों द्वारा भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई जाती, जिसके चलते विपक्ष को सूचना का अधिकार कानून का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि सदस्यों द्वारा मांगी गई सूचनाएं समय पर उपलब्ध करवाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शून्यकाल में भी सदस्यों द्वारा उठाए गए विषयों पर तत्काल जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही सरकार की है और सदस्यों के सवालों का उचित उत्तर मिलना आवश्यक है।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के सदन में व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार उनका आचरण उचित नहीं रहता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ व्यवहार करेंगे तो विपक्ष सहयोग करेगा, लेकिन गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया गया तो विपक्ष का सहयोग मिलना मुश्किल होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला