लॉटरी बहाली से प्रदेश की संस्कृति और परिवारों पर पड़ेगा बुरा असर : जयराम ठाकुर
शिमला, 27 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में लॉटरी बहाल करने के कांग्रेस सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश के परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है और लॉटरी जैसी व्यवस्था प्रदेश की संस्कृति के विपरीत है।
शिमला में वीरवार काे मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लॉटरी व्यवस्था को इसलिए बंद किया गया था, क्योंकि इसके कारण कई लोगों के घर बिक गए, जमीनें गिरवी रखनी पड़ीं और लोगों ने अपने जेवर तक बेच दिए। उन्होंने कहा कि लॉटरी की लत भी नशे की तरह होती है और एक बार आदत पड़ने के बाद इससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेशहित के बजाय निजी हितों को साधने के लिए यह व्यवस्था दोबारा शुरू कर रही है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि लॉटरी का ठेका जिस कंपनी को दिया जा रहा है, उसके पीछे मुख्यमंत्री की मित्र मंडली का हाथ है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और लॉटरी व्यवस्था को दोबारा बंद किया जाएगा। उन्होंने सरकार से लॉटरी का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की।
महिला मोर्चा ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर शिमला महिला मोर्चा की महिलाओं ने जयराम ठाकुर को राखी बांधी और उनके सुख-समृद्धि की कामना की। जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
टैक्सी ऑपरेटरों के समर्थन में उतरे जयराम ठाकुर
इसके बाद जयराम ठाकुर चौड़ा मैदान पहुंचे और आमरण अनशन पर बैठे टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाए जाने पर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को टैक्सी ऑपरेटरों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की तथा टैक्सी ऑपरेटरों को भरोसा दिलाया कि पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है और उनकी मांगों को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

