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हिमकेयर की जांच में तत्परता, नकली दवा रैकेट की जांच से विजिलेंस ने खड़े किए हाथ : जयराम ठाकुर

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हिमकेयर की जांच में तत्परता, नकली दवा रैकेट की जांच से विजिलेंस ने खड़े किए हाथ : जयराम ठाकुर


शिमला, 14 सितंबर (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर हिमकेयर योजना को बदनाम करने के लिए जांच का नाटक करने और नकली दवाओं के कथित रैकेट की जांच से पीछे हटने का आरोप लगाया है। साेमवार काे शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि एक ओर हिमकेयर मामले में सरकार जांच को लेकर तत्परता दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर नकली दवाओं और जीएसटी चोरी से जुड़े गंभीर मामले की जांच में विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने असमर्थता जताई है।

जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि यदि न्यायालय द्वारा मामले की जांच की आवश्यकता जताई जा रही है तो प्रदेश की जांच एजेंसी जांच करने में असमर्थ क्यों है? क्या सरकार की जांच कराने की इच्छा ही नहीं है? उन्होंने कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले कथित नकली दवा रैकेट की जांच में असमर्थता और हिमकेयर के मामले में दिखाई जा रही तत्परता ही क्या सरकार का असली ‘व्यवस्था परिवर्तन’ है।

उन्होंने कहा कि एक दवा निर्माता द्वारा कथित तौर पर नकली दवाओं की बिक्री और जीएसटी चोरी के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी का मामला सामने आया था। इसी मामले में न्यायालय में एक अन्य प्रतिनिधित्व भी प्राप्त हुआ, जिसमें कथित रूप से 27 से 28 टन कच्चे माल की अवैध सप्लाई और जीएसटी चोरी के आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले की भी विस्तृत जांच की मांग की गई थी।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ विजिलेंस द्वारा तेजी से मामले दर्ज किए जाते हैं और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाता है, जबकि कई मामलों में जांच पूरी होने से पहले ही उसके तथ्यों को प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसके विपरीत इतने गंभीर मामले की जांच से एजेंसी ने ही किनारा कर लिया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने 1 जुलाई 2026 को पत्र भेजकर इस मामले की जांच में अपनी असमर्थता जताई थी। उनके अनुसार, ब्यूरो ने मामले की वित्तीय प्रकृति को जटिल बताते हुए पर्याप्त मैनपावर और संसाधनों की कमी तथा राजस्व विभाग से जुड़े तकनीकी एवं डोमेन ज्ञान के अभाव का हवाला दिया था।

उन्होंने सवाल किया कि यदि जीएसटी चोरी और नकली दवाओं से जुड़े मामले की जांच के लिए विजिलेंस एवं पुलिस विभाग के पास पर्याप्त तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञता नहीं है तो हिमकेयर से जुड़े चिकित्सकीय मामलों की जांच किस विशेषज्ञता के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्जरी के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लिए गए निर्णयों की समीक्षा करने और दुर्लभ कैंसर के मरीज को परिस्थितियों एवं डायग्नोस्टिक रिपोर्ट के आधार पर दी गई दवाओं पर सवाल उठाने का अधिकार और विशेषज्ञता जांच एजेंसी के पास कहां से आई।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमकेयर की जांच मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को सही साबित करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कथित तौर पर ‘व्यवस्था परिवर्तन’ वाली सरकार में सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार की स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब सरकार की इस कार्यप्रणाली को पहचान चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला