लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चल सकती : जयराम ठाकुर
शिमला, 11 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में कथित देरी को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उच्च न्यायालय के चुनाव जल्द करवाने संबंधी निर्देश का स्वागत करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनादेश का अपमान करने के साथ संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की भी अनदेखी कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में तानाशाही नहीं चल सकती। उनके अनुसार जिला परिषद चुनाव में संभावित हार के कारण सरकार चुनाव टालती रही। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के दस में से नौ जिला परिषदों में कांग्रेस को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जनादेश सामने आने के बावजूद सरकार चुनाव में देरी कर रही है और भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर समर्थन हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू कर पंचायत चुनाव टालने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अब भी गंभीर है, जबकि सरकार ने आपदा राहत के पैसों से अपने तीन वर्ष के कार्यकाल का जश्न मनाया।
जयराम ठाकुर ने ब्लॉक समिति चुनावों का आंकड़ा देते हुए कहा कि 92 समितियों में भाजपा समर्थित 51 अध्यक्ष और 54 उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं, जबकि कांग्रेस के 29 अध्यक्ष और 25 उपाध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि आठ ब्लॉक समितियों के चुनाव अभी लंबित हैं।
इंदौरा मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने अंकुश इंदोरिया बनाम स्टेट ऑफ हिमाचल में स्पष्ट किया है कि निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने के तुरंत बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत ने चुनाव रोकने के प्रशासनिक निर्णय को अवैध और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतिकूल माना है। इसके बावजूद सरकार अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

